मछली पालन का व्यापार 2021 में कैसे शुरू करे | How to start fish farming business in Hindi

मछली पालन का व्यापार 2021 में कैसे शुरू करे | How to start fish farming business in Hindi

मछली पालन का व्यापार या बिज़नेस भारत में करना काफी फायदे का सौदा साबित हो सकता है क्योकि भारत का करीब 60% से ज्यादा आबादी मासाहारी है यानी मछली को खाना पसंद करते है। जैसे मेरा सबसे पहला पसंदीदा खाना मछली फ्राई ही है, आप क्या खाने में पसंद करते हो नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताये।

फिश फार्मिंग का बिज़नेस भारत देश के साथ साथ विदेशो में भी काफी प्रसिद्ध है क्योकि एक मछली में जितना प्रोटीन होता है वो किसी भी खाने में आपको नहीं मिलता है।

मछली पालन को अंग्रेजी में फिश फार्मिंग भी कहा जाता है। मछली पालन का व्यापार आपको शुरू करने के लिए झील नदिया या किसी बड़े तालाब की ज़रुरत पड़ती है। आजकल तो लोग अलग तरीके से फिश फार्मिंग करते है वो पूरी तरह से तालाबों को खुद बनाते है या और उसमे अपने हिसाब से सब सेट करवाते है।

इस व्यापार को करने के लिए आपको एक ज़मीन की ज़रुरत पड़ती है, इस ज़मीन में आप या तो एक बड़ा सा तालाब बनवाइए या तो आप अपने हिसाब से टैंक बनवाये जिसमे आसानी से पानी भरा जा सके और उसमे मछलिया आसानी से रह सके।  मछली पालन के शौकीन लोग इस बिज़नेस को ज़रूर करे।

मछली पालन का व्यापार करने के सम्बंधित सारी जानकारी नीचे हमने दिया है आप इसे ध्यानपूर्वक पढ़े फिर आगे के बारे में सोचे –

मछली पालन आपको क्यों करना चाइये ? ( Why should you do fish farming? )

जैसा कि मैंने आपको पहले ही बताया है की मछली एक बहुत ही पौष्टिक आहार है, साथ ही साथ एक बहुत ही ज़ादा स्वादिष्ठ भी होता है इसी वजह से इसकी मांग भारत ही नहीं पूरे दुनिया में रहता है। हाल में ही कोरोना वायरस के आने के वजह से लोग अपनी पाचनक्रिया या अपने आपको मज़बूत रहने के लिए अच्छे और पौष्टिक खाने की तलाश करने लगे है ऐसे में अगर आप मछली पालन का व्यापार मेरे द्वारा बताये गए तरीको को अच्छे से समझ कर चलते है तो निश्चित ही आप मछली पालन बिज़नेस में सफल हो जायेंगे।

फिश फार्मिंग क्या है? (What is Fish Farming?)

फिश का मतलब तो आपको पता ही होगा अगर नहीं मालूम है तो बता ही देते है फिश का मतलब मछली होता है, और फार्मिंग कर मतलब खेती करना। खेती का मतलब सिर्फ ट्रेक्टर चलाना या बीज बोना ही नहीं होता है। आप चाहे बकरी पालने की भी बिज़नेस करेंगे तो उसे भी Goat Farming ही कहा जाएगा।

फिश फार्मिंग का मतलब होता है की आप किसी भी जगह चाहे तालाब हो, नहर हो या फिर नदी हो वहा पर आपको मछली पालना होता है। आजकल तो लोग खुद के बनाये टैंक में ही मछली पालते है।

फिश फार्मिंग का मतलब छोटे छोटे मछली के बच्चो को पालना रहता है।  उन्हें उनका खाना खिला कर वज़न में बड़ा करना रहता है उसके बाद उन्हें बेच कर पैसे बनाना रहता है।

इस व्यापार में आपको लागत की कम ज़रुरत पड़ती है अगर आपके पास खुद का तालाब है या फिर टैंक है तो मै दावे के साथ कह सकता हु आप बहुत ही कम लागत में लगत का 5 से 10 गुना ज्यादा मुनाफा कमा सकते है।

मछली पालने की क्या प्रक्रिया होती है? ( What is the process of fishing?)

अगर आप मछली पालन का बिज़नेस करना चाहते है तो सबसे पहले आपको एक तालाब या टैंक की निर्माण करना होता है। जितना पछली आपको पालना हो उसी के हिसाब से ही आप टैंक या तालाब का निर्माण करें।

मछली पालन करने के लिए कौन सा समय  सही रहेगा ? (What is the right time to fish farming?)

अगर आप मछली पालन का व्यापार करना चाहते है तो आपको तालाब के साथ साथ ये भी जानना बेहद ज़रूरी है की कौन सा समय मछली पालन के लिए सही रहेगा। क्योकि मछली के अच्छी तरह से बढ़ने में मौसम का भी बहुत बड़ा हाथ रहता है।

ध्यान देने योग्य बाते ये है अगर आप भारत जैसे देश में रहते है जहा मौसम का आना जाना तय है वह पर आप ये किसी अपने तरफ से करके रखे और ठंडी के मौसम में आप अपने तालाब का निर्माण पूरी तरह से कर ले।  और जैसे ही गर्मिंया शुरू होने वाला रहे वैसे ही आप मछलियों का पालना शुरू कर दे।

मछली का पालन करने के लिए तालाब या टैंक कैसा होना चाहिए? ( What should be the pond or tank for raising fish?)

जैसा की हमने आपको पहले ही बता दिया है की आप तालाब या टैंक का निर्माण एक नहीं बल्कि कई तरीको से कर सकते है। अगर आप समय और संसाधन बचाना चाहते है तो आप पीवीसी प्लास्टिक के बड़े बड़े टैंक खरीद सकते है, या तो आप लोहे का टैंक भी बनवा सकते है।

अगर ये सब आप करना नहीं चाहते है तो फिर आपको अपने खेत में एक तालाब खुदवा सकते है और अगर छोटे पैमाने में आपको मछली पालन का व्यापार करना है तो आप सीधे फावड़े से ही खुदाई कर सकते है। लेकिन फावड़े से खुदाई वाला काम काफी मेहनत वाला है। आजकल तो सब कुछ आसान हो गया है आप JCB की मदद से पूरे दिन में एक तालाब आसानी से खोद सकते है।

जब आप अच्छे से तालाब की खुदाई कर ले तब आपको कीड़े मकोड़े से बचने के लिए ब्लीचिंग पाउडर और चूने का घोल बना कर मिटटी में छिड़काव ज़रूर करे।  ऐसा करने से तालाब के पास मछलियों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े मर जायेगे और न ही तालाब की तरफ कोई कीड़ा मकोड़ा आ पायेगा।

मछलियों को खाने और ज़िंदा रहने के इंतज़ाम  (Fish farming feeding systems?)

अगर आप जीव वाला बिज़नेस करते है तब आपको उसके खाने और जिन्दा रहने तक का पूरा इंतज़ाम करना होगा। यही बात मछली पालन के बिज़नेस पर भी लागू होता है। मछली के व्यापार को निरंतर चलने के लिए ज़रूरी है कि मछलिया तालाब में ज़िंदा रह सके, ज़िंदा तब रहेगी जब आप उसे एक स्वादिष्ठ और अच्छा खुराक देंगे।

मछली का खाना आपको उनके परजाति के हिसाब से चुनाव करना होता है। मछली पालन के व्यापार में आपको मछलियों के खाने के साथ साथ उनके पानी को लेकर भी बड़ी सावधानी बरतनी पड़ती है। मेरा तो यही आपको सलाह की आपको सबसे पहले अपने तालाब पानी की जांच अवश्य करवा ले उसके बाद ही आप तालाब में मछली डाले।

तालाब में मछलियों का रखरखाव कैसे करे? ( How to take care of fish in the pond?)

अगर आप कोई भी बिज़नेस शुरू करते है वो उसमे मैनपावर की ज़रुरत पड़ती ही है आप हर एक काम अकेले नहीं कर सकते हो। इसी प्रकार आपको मछली पालन के व्यापार में भी मैनपावर या बोले तो मज़दूरो की ज़रुरत पड़ती है. जो आपके हर एक काम में आपका हाथ बटा सके. चाहे वो तालाब का देख भाल करना हो या मछलियों को खाना खिलाना।

इसके साथ ही आपको मछलियों का देखभाल भी बहुत अच्छे से करना रहता है. जैसा की आपको होगा कि मछलियों में किसी भी बीमारी का होना आम है लेकिन आप अगर अच्छे से धयान रखेंगे और समय समय पर खाना के साथ साथ दवाई भी पिलाते रहेंगे तो आपके तालाब तक कोई बीमारी आ ही नहीं सकती। ऐसा मै इसलिए कह रहा हु क्युकी अगर एक मछली में कोई भी बीमारी आती है तो वो धीरे धीरे पूरे मछलियों में फ़ैल जाती है।

वही अगर आप की किस्मत खराब है और किसी भी मछली में कोई भी बीमारी आ जाती है तब उस समय आप पोटेशियम परमैगनेट ( लाल दवा ) और साल्ट यानी सोडियम का इस्तेमाल ज़रूर करे। क्योकि अगर एक मछली में बीमारी फैलती है तो उसके कीटाणु भी चारो तरफ फ़ैल जाते है और वो धीरे शीरे पूरे मछलियों को भी बीमार कर सकते है।

भारत में मछलियों की कितनी प्रजातिया है? ( How many species of fish are there in India?

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मछली पालन करने का पूरा तरीका-min

किसी भी बिज़नेस में अगर आप अपने प्रोडक्ट के ब्रीड या प्रजाति का सही से चुनाव नहीं करते है और आप थोड़ा सा पैसा बचाने के चक्कर में गलत चीज का चुनाव कर लेते है या आपको कोई आपको अच्छा ब्रीड बोलकर गलत ब्रीड थमा देता है तब समझो आपका मेहनत, समय, और पैसा तीनो दाव पर लग जाते है।

लेकिन हम आपको भारत देश में सबसे ज्यादा पालने वाली मछलियों की प्रजातियो  के बारे में बता देते है –

भारत में कटला, रोहू, मुर्रेल, टूना, ग्रास शार्प, भाकुर और हिस्ला मछलियों की प्रजातिया ही सबसे ज्यादा पाली जाती है. इस तरह की मछलियों की प्रजातिया पूरे भारत में कही भी पाल सकते है क्योकि ये जितनी भी मछलियों की प्रजातिया हमने बताया है वो मौसम के हिसाब से अपने आप को ढाल लेती है।

इसका मतलब है आप मछली पालन का व्यापार कही से भी कर सकते है और अच्छा मुनाफा भी कमा सकते है. ध्यान रहे इन मछलियों प्रजातिया की रेट भी ज्यादा नहीं रहता है इसी वजह से ये आपके बिज़नेस के लिए फायदेमंद हो सकते है।

मछली पालन के व्यापार में पानी की गुणवत्ता को कैसे बनाये रखे? (How to maintain water quality in fish farming business?)

मछली पानी में ही जिन्दा रहती है और अगर मछली को स्वच्छ पानी नहीं मिलेगा तब वो मर भी सकती है या दूषित भी हो सकती है इसके लिए आपको तालाब के पानी को कम से कम एक महीने में साफ़ करना होता है।

तालाब में आप स्वच्छ पानी टूबवेल के जरिये भी आसानी से भर सकते है। इसके साथ साथ आपको पीएच मान भी 7 से 8 तक संतुलित करने की ज़रुरत रहती है। ऐसा करने से मछलियों को साफ़ पानी मिलता रहता है और मछलियों की उत्पादन छमता भी बढ़ जाती है। जब आपकी मछली दूषितरहित रहेगी तब आप मार्किट में अच्छा मुनाफा भी कमा पाएंगे।

मछली पालन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और उसके उचित दाम ( Equipment used in fish farming and its reasonable price)

मछली पालने का प्लास्टिक टैंक या तालाब

जब आप एकदम छोटे स्तर पर मछली पालन का व्यापार करते है तब आपको इस तरह के टैंक की ज़रुरत पड़ती है। इस टैंक को आप घर के छत पर भी रख कर बड़े ही आराम से मछली पालन का व्यापार कर सकते है। अगर आप ऐसा नहीं करना कहते है तब आपको एक बनावटी तालाब बनवाना होगा या आप एक गड्डा खोद कर उसमे प्लास्टिक वाली मज़बूत बैग रख कर मछली पालन की शुरुआत कर सकते है।

बनावटी तालाब का फोटो नीचे दिया गया है आप देख सकते है –

मछली पालन का व्यापार
क्रेडिट: गावकनेक्शनडॉटकॉम

 

मछली पालन का बिज़नेस करने लिए ज़रूरी सामान कहा से ले?

अगर आप टैंक खुद बनवाते है तो ज़ादा अच्छा रहेगा और अगर नहीं बनवाना चाहते है तो वो बना बनाया भी इन्हे दुकानों से खरीद सकते है अगर आपकी इच्छा ऑनलाइन खरीदने की है तो वो भी आसानी से आप घर बैठे खरीद सकते है।

वैसे मैं नीचे ऑनलाइन लिंक दे रहा हु अगर आपको खरीदना रहेगा तो जाके खरीद लेना।

तालाब के पानी की जांच कैसे करे?

किसी को भी स्वस्थ्य रहने के लिए उसे खाने से ज्यादा पानी की ज़रूरत पड़ती है और अगर आप शुद्ध पानी अपनी मछलियों को न दे पाए तो आप हर एक चीज से हाथ धो सकते है इसका मतलब ये है क़ी आप कमाई नहीं कर सकते।

इसी वजह से आपको तालाब के पानी की जांच अवश्य कर लेनी चाइये। अगर आप खुद से पानी की जांच करना चाह रहे है तो नीचे दिए गए लिंक से उपकरण खरीद ले और उसके बताये गए तरीको को फॉलो करके पानी की जांच अवश्य कर ले।

इसकी कीमत करीब 1500 रुपये के आसपास है। इसी की मदद से आप पानी की गुणवत्ता खुद जांच सकते है।

तालाबों में पानी कैसे भरे या पानी को तालाब में भरने वाले कौन से उपकरण है?

तालाबों में पानी आप कई तरीको से भर सकते हो, सबसे पहले तो आप नहरों से आने वाले पानी को अपने तालाब में पाइपों के ज़रिये गिरा सकते हो, पंप के सहारे भी आप तालाब में पानी भर भी सकते हो और उसे निकाल भी सकते हो।  आपको मछली पालन के बिज़नेस में ये सब खरीदने की ज़रुरत पड़ती है।

इन मशीनो की कीमत ज्यादा नहीं रहती है लगभग 3000 से इसकी शुरआत होती है। हमेशा वाटरपम्प अच्छा ही लेना चाइये क्योकि अगर वो बढ़िया रहेगा तभी आपका पानी तालाब से बाहर निकाल या फिर वापस डाल सकता है। मछली पकड़ने के लिए आपको जाल के साथ साथ छोटे मोटे और भी कई उपकरण की ज़रुरत पड़ती है।

मछली पालने के कौन कौन से तरीके है ? ( Different types of Fish farming?)

देखो, वैसे मत्स्य या मछली पालने के बहुत सारे तरीके है, लेकिन हमारे भारत देश में कुछ गिने चुने तरीको से ही मछलियों को पाला जाता है. नीचे हमने कुछ तरीके लिख रखे है आप उसे पढ़ कर समझ सकते है –

1 – बनावटी तालाब बनाकर ( Making artificial pond)

मछली पालने की इस ताक़ीन को ही ज्यादा तर लोग सही मानते है इसमें जोखिम कम रहता है, इसे हम जैसे लोगो के द्वारा बनाया जाता है, या फिर आप किसी पुराने तालाब का भी इस्तेमाल कर सकते है. लेकिन दोस्तों इसमे रखरखाव और व्यापार को अच्छे से चलाने के लिए थोड़े ज्यादा पैसो की ज़रुरत पड़ती है और मेहनत भी काफी लगता है,

इतना जोखिम होने के बाद भी यही मछली पालने का तरीका लोगो के द्वारा इस्तेमाल किया जाता है क्योकि इसमें मछलियों की पैदावार अव्वल दर्ज़े की होतो है और किसानो को भरपूर लाभ भी मिलता है।

घर में मछली कैसे पाले? ( How to keep fish at home?

हमारे देश में ऐसी तकनीक का अविष्कार हो चुका है जिसके इस्तेमाल से आप किसी भी बंद जगह या कमरा में आसानी से मछली पालन कर सकते है इसके लिए आपको कमरे में संतुलित वातावरण तैयार करना होता है. जिसके लिए आपको महगे उपकरण भी अपने घर पर लगाने पड़ सकते है क्योकि कमरे का तापमान घटाना और बढ़ाना भी पड़ता है। लेकिन मशीनो के द्वारा आप इसे अपने नियंत्रित में रख सकते है।

इस तकनीक के ज़रिये आप घर में फिश फार्मिंग कर सकते हो और ऐसा करना लाभदायक भी रहता है,

लेकिन इसमें खास ख्याल रखने वाली बात ये है की उचित स्थान का चुनाव करते समय ये ज़रूर देख ले की वहा पर पानी और बिजली की अच्छी सुविधा हो।

मछली पालन करने से क्या लाभ है? ( Advantages of Fish Farming )

  • जब से कोरोना वायरस आया है तब से पहले से कही ज्यादा मछलियों की ज़रुरत बढ़ गयी है ऐसा इलसिए क्योकि इसमें बहुत ही ज़ादा मात्रा में प्रोटीन होते है जो हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में मदद करता है.
  • इसी वजह से मछली पालन का बिज़नेस बहुत तेज़ी से चल रहा है क्योकि इस व्यापार में दुसरे कामो के मुकाबले कम मेहनत करना पड़ता है ललेकिन फायदा बहुत ही ज्यादा होता है.
  • आप अपनी मछली को सर्फ भारत ही नहीं विदेशो तक भी पंहुचा सकते है क्योकि भारत के बाहर भी इसका अच्छा खाशा डिंमांड है।
  • मछली पालन ऐसा बिज़नेस है जो पूरे साल कभी भी ठंढा नहीं पड़ता आप इसे काम लागत लेकर अपने स्तर  से शुरुआत कर सकते है.

मछली पालने के लिए लाइसेंस कहा से मिलता है? ( Where do I get a license for fishing? )

अगर आप भारत में रहते है और मछली पालन करना चाहते है तो सबसे पहले उसे पंजीकृत करवाना पड़ता है. अगर आप अपने व्यापार को पंजीकृत करना चाहते है सबसे पहले आपको एक फॉर्म भरना पड़ेगा जिसे भारत सरकार ने उद्योग का नाम दिया है. आप सीधे एमएसएम्ई मंत्रालय के किसी भी सरकारी कार्यालय में पंजीकृत करा सकते है जिसके लिए आपको आपजे ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने होंगे जैसे –

  1. पहचान पत्र
  2. आधार कार्ड
  3. पैन कार्ड
  4. फोटो

जैसे ही आपका पंजीकरण हो जाता है आपको एक पंजीयन संख्या दी जाती है जिसका इस्तेमाल आप सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी या फिर लोन पाने के लिए इस्तेमाल कर सकते है।

लेकिन अगर आप अगर इस बिज़नेस को समुन्द्र या नदी पर करना चाहते है तो सरकार के तरफ से आपको नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना ज़रूरी होता हैं।

मछली पालन में लगने वाली लागत और उसके लिए सब्सिडी कैसे ले? ( How to get subsidy for fish farming?

नीली क्रांति के अंतर्गत तालाबों के बनवाने पर सरकार किसानो को सब्सिडी भी दे रही है. जिससे आपका मछली पालन करने का सपना साकार हो सकता है. एक हेक्टेयर तालाब बनवाने के लिए कीमत करीब पांच लाख रुपये आती है, जिसके 50 फीसदी केंद्र सरकार 25 फीसदी राज्य सरकार अनुदानं देती है।

बाकी का 25 फीसदी हिस्सा मछली पालक को देना होता है। अगर आपका तालाब पहले से बना है और उसमे थोड़े बहुत सुधार करवाने है तो उसके लिए भी सरकार अनुदान देती है। उसमे 25 फीसदी मछली पालक को देता होता होता है बाकि के पैसे सरकार सब्सिडी के तौर पर आपको देती है।

मछली बेचने के लिए मार्केटिंग कैसे करे?

जैसा की आपको पता है मछली पूरे देश में बेचा और खाया जाता है, आपके लोकल में भी मार्किट लगता होगा, आप वहा  पर जाकर मछलियों को बेच सकते है, अगर आप थोड़े थोड़े बेचना चाहते हो तो आपको एक फिश शॉप की ज़रुरत पड़ेगी। फिश शॉप आप आसानी से खोल सकते है और उस शॉप पर रिटेल दाम से बेच कर अच्छा खाशा मुनाफा कमा सकते है.

अगर आप एक बड़े मछली पालक है तब आपको दुसरे देशो में भी अपनी मछलियों को बेचने के बारे में सोचना चाइये।

फिश की पैकेजिंग कैसे करे?

किसी भी चीज को बेहतर दामों में बिकने में उसकी पैकेजिंग का बहुत बड़ा रोल होता है, क्योकि जब कोई सामान मार्किट या शॉप में अच्छा दिखता है तभी उसका अच्छा पैसा मिलता है।

इसी प्रकार जब आप अपनी मछलियों को किसी होटल में देने से पहले आपको अच्छे से पैकेजिंग करनी होती है ताकि बिना किसी परेशानी के ग्राहकों तक पहुंचाया जा सके.

पैकिंग आप किसी भी नार्मल प्लास्टिक बैग में कर सकते है बस ध्यान रहे वो अच्छे से पैक रहे। पैकिंग प्लास्टिक आसानी से आपको मार्किट में मिल जाएंगे।

मछली पालन का व्यापार शुरू करने से सम्बंधित पुछा जाने वाले सवाल और जवाब

मछली पालन की जानकारी आगर आप विस्तार से जानना चाहते है तो हमारे पूरे पोस्ट को आराम से पढ़ सकते है. हमने कोई भी छोड़ा है है इसमें। आपको इतना विस्तारपूर्वक कोई भी पोस्ट इंटेरेंट पर नहीं मिलेगा।
नीली क्रांति के अंतर्गत तालाबों के बनवाने पर सरकार किसानो को सब्सिडी भी दे रही है. जिससे आपका मछली पालन का सपना साकार हो सकता है. एक हेक्टेयर तालाब बनवाने के लिए उसको कॉस्ट करीब पांच लाख रुपये आती है, जिसके 50 फीसदी केंद्र सरकार 25 फीसदी राज्य सरकार अनुदानं देती है। बाकी का 25 फीसदी हिस्सा मछली पालक को देना होता है। अगर आपका तालाब पहले से बना है और उसमे थोड़े बहुत सुधार करवाने है तो उसके लिए भी सरकार अनुदान देती है। उसमे 25 फीसदी मछली पालक को देता होता होता है बाकि के पैसे सरकार सब्सिडी के तौर पर आपको देती है।
मछली पालन विभाग ऑनलाइन लिंक http://www.hpagrisnet.gov.in
छोटे तालाब भी आप आसानी से मछली पालन कर सकते है वो भी बहुत ही कम पूजी लगा कर। विस्तार से से जानने के लिए आप ऊपर के सारे पोस्ट को अच्छे से समझे।
ठीक जैसे आप तालाब में मछली पालन करते है उसी तरीके से आप टैंक में भी कर सकते है। इसमें आपको टैंक बनवा कर मछली पालना रहता है और मशीनो के ज़रिये पानी को बदलना पड़ता है।
ठीक जैसे आप तालाब में मछली पालन करते है उसी तरीके से आप टैंक में भी कर सकते है। इसमें आपको टैंक बनवा कर मछली पालना रहता है और मशीनो के ज़रिये पानी को बदलना पड़ता है।

 

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